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Snehal Gapchup

Abstract

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Snehal Gapchup

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बिजली

बिजली

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अंधेरा है रस्ता अंधेरी गल्ली,

ऐसे मे बारिश मुझसे मिली.

और ये बिजली गिरी, डर गई ये तो कली.

पर फिर पता चला के वो तो मुझ से मिली.

गली में करके उजाला वो तो चली.


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