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DMLT Natasha Kushwaha

Abstract

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DMLT Natasha Kushwaha

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भाई

भाई

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201

सुन लो कन्हैया

बनके भईया

पार लगा दे मेरी 

जीवन नैया


हे मुरलीधर

मुरली धरे अधर

ज्ञान रत्न भर

दो मेरी गघर 


जीवन अथाह

सागर सी लहर

डग डग चलो

दिखा दे डगर


सुन मेरो भइया

बनके खिवैया

पार लगा दे

भावसागर सी नैया


मैं तेरी नीति

मैं नहीं चिटी

तुझसे जीती

तुझमें ही प्रीति


नाम नताशा

खाऊं बताशा

हरलो हताशा

हरी! हर निराशा।



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