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anuradha nazeer

Abstract

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anuradha nazeer

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बेकार

बेकार

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भगवान को स्मरण करो,

दूसरों का गलती को भूल जाओ।


फूल सिर्फ एक दिन के लिए

खुशबू और चमक दारी रखते हैं।


वो कभी नहीं सोचते

मैं तो सिर्फ एक ही दिन में खत्म होने वाला हूँ।


मुझे क्या इस ज़िन्दगी से देना और लेना,

तो हमें क्यों बेकार बर्बाद करना इस दिल को???


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