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Akash Nekiye

Abstract

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Akash Nekiye

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अनुमान

अनुमान

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तुझसे अलग होना आसान तो नहीं

सोच कर दिमाग भी हैं तंग

कही वो शख़्श भी, परेशान तो नहीं ?


तुझको याद करता हूं

दिन रात करता हूं

बुरा हूं, लेकिन हैवान तो नहीं ?


इश्क़ तुझसे सीखा

जीना तुझसे सीखा

मुझ पर ये तेरा, एहसान तो नहीं ?


बरसो बरसे नैना 

रीते रीते रैना

मुझे तेरे होने का, गुमान तो नहीं ?


गर तू गया हैं 

तो वापस आयगा, या फ़िर

होने को हूँ मैं, गुमनाम तो नहीं ?


तू वापस आयगा

या हमेशा के लिए जा चुका है

ग़लत ये मेरा, अनुमान तो नहीं।


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