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Ashok Classes

Abstract Drama Inspirational

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Ashok Classes

Abstract Drama Inspirational

अनकही जुबानी

अनकही जुबानी

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छोटी सी जिंदगी है और बड़े-बड़े ख्वाब,

कहाँ तुम कहाँ हम यहाँ सब हैं नवाब।

अब आँख खुली तो पाया मैंने,

जिंदगी है शराब।

हर एक की अपनी कहानी है,

और हर किसी को सुनानी है,

हकीकत और ख्वाब के बीच एक पुरानी निशानी है,

यहाँ शादीशुदा इंसान की भी अपनी एक जुबानी है।

जब मैं सोता हूँ तो कहता हूँ,

कि अपनी दुनिया बनानी है,

फिर मैं रुक जाता हूँ, खो जाता हूँ,

उस दुनिया में सो जाता हूँ।

अब तुम मेरी कहानी को ,तुम खुद का बताओगे,

अरे जाओ ना यार, कब तक सताओगे?


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