STORYMIRROR

Kirti Borkar

Abstract

4  

Kirti Borkar

Abstract

अनाथ बच्चे

अनाथ बच्चे

1 min
22.4K

माँ बाप के बिना

कैसा होगा जिना

फटे कपड़े जैसा

दिल का हो सीना


जिंदगी होती बेदर्द

उसकी नहीं है दवा

भगवान से हम करे

अनाथों के लिये दुआ


माँ बाप के बगैर

कहाँ मिलेगी छाया

हमारे जैसे ही देंगे

अपनों की माया


उनकी दुनिया में

मा है ना आया

क्या करेगी जिंदगी

ऐसा दिन जो पाया


अनाथों के लिये

घर है ना ठिकाणा

कैसा होगा इनका

जिंदगी ये जितना


मुश्किल की घड़ी

राह है ना बड़ी

बाजूओ को अपने

हिम्मत से कर खडी


भगवान के यहाँ

लगती है थोड़ी देर

फिर हमें ना है 

किसी बात का डर।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Kirti Borkar

Similar hindi poem from Abstract