याचना
याचना
यह कहानी एक काल्पनिक है।
इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है।
यह एक प्रेम कहानी के साथ साथ एक हॉरार स्टोरी भी है।
इस कहानी के पात्र रुद्र, राकेश, अनिकेत और प्राची, इशिका, प्रज्ञा यह है।
रुद्र एक अमीर परिवार का इकलौता वारीस है।
जिसके मिडल क्लास दोस्त है।
रुद्र अपने कॉलेज का सबसे हँडसम लडका था और काफी फेमस भी।
एक दीन रुद्र अपने दोस्तों को कहता है।
यार चलो ना हम कही घुमने चलते है।
हा चलते हैं लेकीन जायेंगे कहा इशिका कहती है।
अरे रुद्र वो तेरा फार्महाऊस है ना वहा चलते है !
हा हा हमने भी बहुत सूना हैं ऊस फार्म हाऊस के बारे में चल ना वही चलते है।
सब कहने लगते है।
अच्छा ठीक है।
लेकीन प्रज्ञा का क्या उसकी मम्मी ती उसे कहीं जाने नहीं देती !
हा यार मेरी मम्मी परमिशन नहीं देगी तुम लोग जाकर आओ !
तू चिंता मत कर में बात करती हू आंटी से।
इशिका बोलती है।
हॅलो आंटी में इशिका बोल रही हू।
वो आंटी हमारी स्टडी कॅम्प है 2दिनो के लिये क्या आप
प्रज्ञा की भेज सकती है प्लीज ?
अरे बेटा ये स्टडी कॅम्प क्या होता है ऐसे कुछ नहीं होता !
अरे आंटी ये कम्पल्सरी हैं हम सब जा रहे हैं प्लीज उसे भी आने दिजिये ना ?
बहुत मनाने के बाद प्रज्ञा की माँ इजाजत दे देती है।
सब रेडी हो कर निकल जाते है अगले दीन ही।
सब कार में बहुत एन्जॉय करते है।
थोडे ही देर में सब फार्म हाऊस पहुंच जाते है।
वह फार्म हाऊस बहुत ही पुराना और लकडीयों का बना हूआ होता हैं।
वाव यार !
ये कितना सुंदर है ! सब कहते है।
अरे बाबा आ गये आप !
माली काका रुद्र को बोलते है।
हा काका ये सब मेरे दोस्त है।
आप सब आराम किजिये खाना बनते ही में आप लोगो को बूला लुंगा।
अच्छा !
जिसे जो कमरा चाहिए ले लो !
रुद्र सब को कहता है।
सब अपने रूम में चले जाते है।
तभी इशिका, प्राची और प्रज्ञा जिस रूम में रूके थे उसके लेफ्ट साईड में कर्टनस लगाये हूए थे।
ये क्या ये परदे ऐसे क्यो लगाये हूए है।
छोडो हमें क्या करना है।
तभी रुद्र सभी को निचे बुलाता है।
सब नींचे आ जाते है सिवाय प्रज्ञा को छोडके|
ये प्रज्ञा कहा है ?
वो फ्रेश हो रही है।
ओके।
यहाँ प्रज्ञा नहा रही होती है और तभी उसे किसी के रोने की आवाज आती हैं।
ये कैसी आवाज है ?
बाहर कोई है क्या ?
इशिका .... प्राची तुम बाहर हो क्या ?
लेकीन कोई जवाब नहीं मिलता है।
प्रज्ञा तुरंत बाहर आ जाती है लेकीन पुरा कमरा खाली होता हैं वो चेंज करके नीचे चली जाती है।
उसे इतना चूप देखकर प्राची पूछती है।
क्या हो गया तू इतनी चूप क्यो है ?
तुम्हे उपर कूछ सूनायी दिया क्या ?
उसके ऐसे बोलते ही रुद्र थोडा परेशान हो जाता है|
नहीं कूछ भी तो नहीं ... प्राची बोलती है।
काफी रात हो गयी है सब सो जाते है।
रुद्र बोलता है।
सब फार्म हाऊस के अंदर जाते है।
तभी अचानक से उनके सामने से बॉल उछल कर जाती हैं
और पीछे से एक काली बिल्ली meaw ऐसे आवाज करके निकल जाती है ये सब इतना अचानक होता है की सब डर जाते है तभी सब की नजर दरवाजे पर ही होती है की रुद्र सामने देखता है और उसकी आँखो के सामने से एक साया तेजी से निकल जाता हैं।
रुद्र यह बात जानता था की उनके घर में कुछ तो गडबड जरूर है।
उसी रात प्रज्ञा सोयी हूई होती है की तुरंत उसकी आंख खुल जाती है।
तभी वो इशिका और प्राची को उठाती है।
क्या हो गया ? दोनो पूछती है।
मुझे कुछ अजीब सी आवाज आ रही है उस परदे की पीछे से।
कुछ भी बोलती है तू तो !
अरे सच में यार !
अगर ये इतना बोल ही रही है तो एक बार देख लेते है ना !
इशिका बोलती है।
अच्छा ठीक है।
सब मिलके वह परदा हटाते है और क्या देखते है की परदे के पीछे एक और कमरा होता है।
सब चौक जाते है।
इसकी चाभी कहा है ?
प्राची तुरंत जाकर माली काका की बुलाकर लाती है।
परदे हटे हुए देखकर माली काका डर जाते है।
माली काका आपने इस कमरे के बारे में हमें क्यो नहीं बताया .... और इसकी चाभी कहा है ?
बेटा तुम इस कमरे से दूर ही रहो... यह बहुत पुराना कमरा है और इसकी चाभि साहब ने कहा रखी है में नहीं जानता हू|
तुम सब तयार हो कर नीचे आ जाओ नाश्ता कर लो|
इतना कहकर वो नीचे चले जाते है।
अब क्या करे ?
इन्हे तो पता ही नहीं है की इस रुम की चावी कहा है।
तभी इशिका उसी परदे के ऊपर जहा घडी होती है बडी वाली उसे नीचे उतारती है और उसमें से चाभी निकालती है|
ये क्या तुम्हे कैसे पता ?
अरे तुम लोग जानती नहीं मुझे !
अपने बाल झटकते हुए इशिका बोलती है।
जब काका बात कर रहे थे ना तब उनकी नजरे बारबार वही जा रही थी मैने तभी चावी देखली थी।
वो तुरंत जाकर दरवाजा खोलती है।
कमरा बहुत वक्त से बंद होने की वजाह से अंदर जाले हो गये थे।
वह जाले देखकर प्रज्ञा और प्राची अंदर आने से मना कर देते है फिर इशिका अकेली ही अंदर चली जाती है।
जैसे ही वह अंदर जाती है पुरे घर की लाईट ऑन ऑफ होना शूरू हो जाती है।
सब डर जाते है रुद्र भी डरने लगता है।
प्राची और प्रज्ञा इशिका की बाहर आने के लिये कहते है।
इशिका बाहर आ जाती है थोडी ही देर में सब नॉर्मल हो जाता है।
यार तु भी ना बंद कर इस कमरे को बहुत अजीब है ये !
अरे चील यार सब ठीक है।
इशिका तब नॉर्मल ही लग रही थी।
सब नीचे बॉर्नफायर के लिये जाते है।
प्रज्ञा नहाने गयी होती है।
यार ये लडकी क्या हमेशा नहाने जाती है।
राकेश बोलता हैं।
रुको में उसे बुलाकर लाती हू।
इशिका उसे बुलाने जाती हैं।
प्रज्ञा नहाली क्या जल्दि बाहर आओ!
में नहीं आ रही नीचे मेरा मन नहीं है तू जा !
ये क्या बोल रही है अभी तो तेरा बडा मन था बोर्न फायर के लिये अब क्या हुआ ?
अभी नहीं है मन बोला ना जा यहाँ से !
अच्छा ठीक है जैसे तेरी मर्जी!
इशिका वहा से चली जाती है।
यहाँ नीचे रुद्र को फार्म हाऊस के सेंटर में एक लडकी बैठी हूई साफ साफ दिखाई देती है ; उसे देखकर रुद्र बहुत डर जाता है।
हम कल यहाँ से चले जायेंगे !
हा दो दीन हो गये ना ! सब बोलते है।
चलो सोने चलते हैं।
सब सोने के लिये जाते ही की रुद्र बोलता है ...
इशिका कहा है उसे प्रज्ञा को बुलाने भेजा था दोनो भी नहीं आयी ?
इतना क्यो टेंशन ले रहा हैं रूम में ही होगी दोनो !
चलो देखते है।
रुद्र बहुत डर चुका था क्योकी घर में जो भी हो रहा था उसके पीछे की वजाह वह जानता था शायद!
कमरे में जाकर देखते हो तो प्रज्ञा अकेली ही वहा खिडकी के पासा बैठी हूई होती है।
वह एकदम शांत बैठी हुई थी।
प्रज्ञा तुम यहाँ हो तो इशिका कहा है ?
मुझे नहीं पता वो तो तुम्हारे साथ थी ना !
वो तुम्हे बुलाने आयी थी ऊपर !
नहीं तो !
तो कहा गयी वो ?
तभी इशिका पीछे से आती हैं।
में यहाँ हू !
उसे देखकर रुद्र के जान में जान आती हैं और वो उसे गले लगा लेता हैं।
तुम ठीक हो ?
हा में ठीक हू बस टहल रही थी यही पर !
अच्छा।
तो कल हम जा रहे हैं यहाँ से ठीक है सब लोग रेडी रहना सूबह|
मुझे कही नहीं जाना !
अचानक प्रज्ञा बोलती है।
उसका अजीब सा बरताव देखकर सब हैरान हो जाते हैं।
क्या बोल रही हो तुम हमें दो दीन हो चुके है अब हमें निकलना चाहिए यहाँ से !
नहीं मुझे नहीं आना तुम्हे जाना है तो तुम लोग जाओ !
इतना कहकर वो रूम से बाहर चली जाती है।
ईसे क्या हो गया है ये तभी भी अजीब सां बिहेव कर रही थी और अभी भी मैने तो इसकी मम्मी को प्रॉमिस किया है की इसे ठीक से घर ले आऊंगी|
हम देखते है बाद में।
यार रुद्र एक बात कहू यहाँ कूछ तो अजीब है यार जब से यहाँ आये है बहुत अजीब सा फिल हो रहा है।
प्राची और राकेश दोनो भी यही बोलते हैं।
ऐसा कुछ नहीं तुम ज्यादा सोचं रहे हो !
तभी अचानक कुछ ऐसा होता है की सब चौक जाते है।
बाहर से बहुत अजीब आवाजे आने लगती है सब बाहर जाते है और जो देखते है उससे सब के होश उड जाते है।
उन्हे एक लडकी दिखाई देती है जो दिवार पर चढी हूई होती है और जोरो से रो रही होती है।
प्रज्ञा भी वह आवाज सुनकर डर के मारे सब के पास वापस आ जाती है।
रुद्र सोचता है की अगर प्रज्ञा यहाँ है तो वो कौन है जिसके शरीर में आत्मा ने प्रवेश किया है ?
जैसे ही उन्हे ऊस लडकी का चेहरा दिखाई देता है वो डर जाते है वो और कोई नहीं बल्की इशिका थी।
भागो यहाँ से ! वरना ये हम सब को मार देगी ; मैने कहा था तुम्हे दरवाजा मत खोलना तुम लोगोनें मेरी बात नहीं सूनी।
माली काका बोलते है।
सब लोग भाग ने लगते है।
रुद्र इशिका को देखकर भाग ही नहीं पाता लेकीन माली काका उसे खिचकर ले जाते है।
सब लोग जंगल की तरफ भागने लगते है इशिका भी उनके पीछे ही होती है।
इशिका पेडो पर से छलांगे मार रही होती है।
किसिको नहीं छोडुंगी में ; सब मरोगे!
तभी इशिका राकेश को पकड लेती है।
इशिका प्लीज मुझे छोड दो !
मुझे मत मारना !
में किसी को नहीं छोडूंगी!
वो उसका गला दबाने लगती है।
तभी रुद्र आता है।
रूको उन्होंने तुम्हारा कुछ नहीं बिगाडा है तुम्हे जो करना हैं मेरे साथ करो उन्हे छोड दो !
तुम भी मरोगे और सब मरेंगे!
रुद्र उसे बातों में उलझाता है इतने में माली काका राकेश को उठाकर ले जाते है।
इशिका फिर सब के पीछे भागती है।
इशिका प्राची को पकड लेती है।
काका ये प्राची को मार देंगी हम सब मर जायेंगे इसे रोकने का कोई तरिका नहीं है क्या ?
एक है आज रात दो बजे तक हमें इस आत्मा को रोक कर रखना पडेगा रात के 2बजे इस आत्मा को एक साल पुरा हो जायेगा और ईसे मुक्ती मिल जाएगी
हमें कुछ भी कर के ईसे 2 बजे तक कीसिको भी मारने से रोकना होगा।
2 बजने में सिर्फ 5मिन बचे हुए होते है।
रुद्र तुरंत ऊस आत्मा के पास जाता है और उसे प्राची से दूर कर देता हैं।
वह आत्मा उसका गला पकड लेती है।
रुद्र को बहुत चोंट आती है लेकीन वो कूछ भी कर के इशिका को बचाना चाहता था ; इशिका प्लीज होश में आओ !
में तुम से बहुत प्यार करता हू !
वह आत्मा जोरो से हसने लगती है।
" में इसे अपने साथ लेकर जाऊंगी ! तुम भी अकेले रहोगे जैसे में अकेली रही थी ; तुम्हारे परिवार की वजाह से "
वो एक धार धार चीज उठा लेती है और इशिका के हाथ पर वार कर देती है।
नहीं .... देखो उसे छोड दो ! उसे कुछ मत करना।
रुद्र के आँखो में आँसु भर आते है।
वो जोर से इशिका को गले लगा लेता हैं और अपने गले का रुद्राक्ष उसके गले में डाल देता है वैसे ही वह जोर जोर से चिल्लाने लगती है दूर भागने की कोशिश करती है लेकीन रुद्र उसे कसकर पकड लेता है।
थोडी देर में 2बज जाते है और इशिका के अंदर की आत्मा चली जाती है और इशिका बेहोश हो जाती है।
उसे बेहोश देखकर रुद्र बहुत डर जाता है।
" चिंता मत करो अब वो ठीक है आत्मा चली गयी है अब वह कभी नहीं आयेगी "
माली काका बोलते है।
वैसे ही रुद्र भी बेहोश हो जाता है।
जैसे ही रुद्र को होश आता है वह हॉस्पिटल में होता है।
आंखे खुलते ही वह बोलता है।
इशिका कहा है ?
और बाकी सब कहा है ?
तुम चिंता मत करो सब ठीक है !
राकेश कोमा में है लेकीन ठीक है|
रुद्र सोचता है की ...
" हमें वहा जाना ही नहीं चाहिए था अगर किसीको कुछ भी हो जाता तो में क्या करता लेकिन अब सब ठीक है। "
रुद्र को लग रहा था की सब ठीक हो चुका है लेकीन वो नही जानता था की यह अभी शुरुवात है कहानी अभी बाकी है।
आगे की कहानी अगले भाग में .....

