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Shweta Giri

Thriller Others

4  

Shweta Giri

Thriller Others

Chand~e~alfaaz

Chand~e~alfaaz

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**“किसी को पता है ये चाँद कौन है,

न जाने कहाँ से आया होगा।

रात भर सबको रोशनी देने वाला,

न जाने दिन कहाँ खो जाता होगा।

लोग फ़िदा हैं उसकी ख़ूबसूरती में,

उसका दाग कौन देखता होगा।

जो सबको हँसता हुआ दिखता है,

बादलों में छुपकर वो भी रोता होगा।

चाँद पर दाग है फिर भी,

हर बेदाग चीज़ को उसके साथ क्यों तोला जाता होगा।

रात के अंधेरे में इतनी ख़ामोशी से,

वो किसका इंतज़ार करता होगा…”**


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