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त्रासदी टाॅफी पीढी आईना शांती मां-बाप भालू साइकिल बचपन साथ दो आवाज का या क्रान्ति पुरूष बन जाओ स्वयम् बन्द कर मैं का झगडा एकत्र हो बन जाओ हम व्यक्ति जवानी यादें तन्हाई बेर खिलौना प्यार मनुष्य समय एहसास

Hindi झगडा Poems