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आईना सहनशीलता पीढी बारिश मां-बाप साथ दो आवाज का या क्रान्ति पुरूष बन जाओ स्वयम् बन्द कर मैं का झगडा एकत्र हो बन जाओ हम शांती हनी तन्हाई त्रासदी बचपन भालू खिलौना गन्ना बेर आवाज नाव प्यार समय मनभावन

Hindi झगडा Poems