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Pragya Gaur

Abstract

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Pragya Gaur

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यादें

यादें

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जिन्दगी कुछ पल ठहर सी जाती है,

उन पलों को याद करके

दिल मे ख़ुशी की लहर दौड़ जाती है

फिर वही अपनेपन का अहसास पाकर

अनजानी राहों के सफ़र को पहचाना सा बना देने वाली

कब तक साथ देंगी मेरा ये खुशनुमा यादें।


एक पल में हँसाती हैं

तो अगले ही पल रुलाती हैं

कभी शांत, स्थिर,अविरल भाव

तो कभी उद्वेलित करती हैं यादें

पर इन भावों के झुरमुट से देखो तो

जीवन कि सार्थकता समझाती हैं यादें।


जिन्दगी का हर क्षण खास है

इस बात का मुझे विश्वास है

तभी समेटती हूँ हर पल को अपने मन में

सहेजकर रखती हूँ वह सारी बातें

जब भी कोई ऎसी बात आयेगी

शायद इन्ही मे से कोई याद उसे सुलझायेगी


हमें जीने का नया फलसफा सिखायेगी

और फिर रह जाएँगी कुछ खुशनुमा यादें।


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