STORYMIRROR

Siddharth Jethva

Abstract

4  

Siddharth Jethva

Abstract

वो नौकर हे लोगों का ...

वो नौकर हे लोगों का ...

1 min
126

वो नौकर हे लोगों का पर

 सब उसे राजा समझते है।

वो सबका काम करता है

पर सभी से उनकी जान को ही खतरा है  

वो है राजा क्योंकि उसने सभी का

दिल ईमानदारी से जीता है।


वो लोगों को स्वीकार करता है

और लोग उसका अनादर करते हैं

वो लोगो का भूखा हैं और

सब पैसों का समझ बैठे हैं।


उसके लिये सभी एक जैसे हैं

पर सभी के विचार से काम करता है

वो सबके काम और स्वभाव को

जानकर समजने लगा हैं।


क्योंकि उसके सामने इतने सवाल होते हैं

जिनके जवाब उसको देने ही होते है

और एक तरीके से अच्छा ही है

उसके सामने जो भी है

वो उनको उनकी जवाबदारी और

सही न्याय को दीखाता है

ताकी वो सबका ध्यान रख सके।


वो है तो आम ही लेकिन

अपने काम की वजह से खास हैं

उसने पूरे मेहनत के साथ

सबको विश्वास दिलाया तो हैं

और साथ में उसे जीता भी है।


वो अपने काम को अपना लक्ष्य बनाता है

पर काम में गलती से गलती हो जाये

तो सब उसको गलत मान लेते हैं

उसने कोशिश की थी पर काम नहीं हो

सकता उस समय में तब भी वो क्षमा मांगता है।


वो नौकर है लोगों का पर

सब उसे राजा समझते हैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract