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Deepa Pandey

Abstract

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Deepa Pandey

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तू मुझमें हैं मां

तू मुझमें हैं मां

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पहले मैं थी तेरी कोख में

अब तू मुझमें हैं मां।


मेरे बालों की लम्बाई

मेरी आंखों की गहराई

मेरे होठों की मुस्कान

अब तू मुझमें हैं मां।


नही दिखती अब तू सामने

नही मिलता स्पर्श प्यार से

नहीं रहा वो छत्र महान

अब तू मुझमें हैं मां।


कल तक थी मै तेरे साथ

करती सांझा अपनी बात

रह गए फिर किस्से तमाम

अब तू मुझमें हैं मां।


नौ महीने मैं तेरी कोख में

फिर बैठी मैं तेरी गोद में

अब छूट गया ऊंगली से हाथ

अब तू मुझमें हैं मां।


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