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तन डोले मन बोले

तन डोले मन बोले

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यह खाअो वह मत खाओ पे ना रहना 

लगाव नहीं ,जो मिले प्रसाद समझना।।

हँसते हुए रोना, रोते हुए हँसना

नाम पे जीना, नाम पे मरना।।

देखते हुए भाई तुम न देखना

शरीर भी सपना जग शुना शुना।।

सत्ता एक ही  महजुद है अपना 

रटो रे मन! राधा रमना राधा रमना।।


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