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Richa Pitliya

Abstract

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Richa Pitliya

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तीन बंदर

तीन बंदर

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गांधी जी के तीन बंदर

होता ना काम उनके बीन


एक बोलता बुरा ना सुनो

दूजा बोलता बुरा ना बोलो


तीजा बोलता बुरा ना देखो

पर गांधी जी को क्या पाता था


लोग भी ऐसे आएँगे

बुरा सुनो बुरा बोलो

बुरा देखो सिखाएँगे।


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