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Amruta Gadekar

Abstract

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Amruta Gadekar

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सवाल

सवाल

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कभी खुशनुमा ख्याल हूं!

कभी उलझा सा सवाल हूं! 

कभी शाम की कड़क चाय

कभी मोहल्ले की बवाल हूं! 

गुजरा हूआ साल हूं ! 

में बहकी बहकी सी चाल हूं! 

कभी काम से बेहाल हूं! 

कभी दुआओ से निहाल हूं!

में जज्बा बेमिसाल हूं! 

कला से मालामाल हूं! 

में खुशनुमा ख्याल 

एक उल्झा सा सवाल हूं!!



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