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Shreya T

Abstract

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Shreya T

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सुकून💜🌠

सुकून💜🌠

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सुकून सा होता है वो पल अपनो के साथ बिताए जाने वाला,

हर वो पल , हर वो शख्स अपना सा होता हैं।

इस परायी सी दुनिया में कोई तो है अपना कहे जाने वाला,

यह जानके सुकून मिलता हैं।


बारिश के मौसम में, अपनों के साथ बैठकर रोज़ वाली फीकी चाय भी

हमें एक अलग सी शांति और सुकून देती हैं।

हर उस बारिश की बुंदो में हम खुशी ढुँढते है,

अपने सपनो के बिज् पिरोते हैं।

ये सुकून हम हमेशा किसी न किसी चीजों,

या लोगों में ढूँढ़ते हैं, पर असली सुकून वो होता है जिस में हम

अकेले होकर भी उन लोगों को याद करते है

जो हमारी बेरंग सी जिदंगी में रंग भर देते हैं।


मुशकिल तभ होती है जब ऐसे लोग हमसे दूर जाते हैं,

पर हम उनकी यादों के सहारे खुश रहते है, उसमें सुकून ढूंढ़ लेते हैं,

क्योकि लोग एक न एक दिन तो चलें ही जाते हैं,

पर उनकी खूबसूरत यादें हमें दे जाते हैं।


कोई कितना भी क्यों न दूर चला गया हो,

रूठ गया हो या बदल गया हो,

हमें उनसे नफ़रत नहीं करनी चाहिए,

क्योंकि कभी न कभी वो ही आपके सुकून की वजह थे ।

तो भूल जाते है न !जो भी बुरा हुआ हो कभी भी,

 बस याद रखते है वो पल जिसमें खुशियां मिली हो हमें भी,


शायद ये बात याद रख कर "सुकून" मिल जाए तुम्हें भी!।

भूल जाते है , माफ़ कर देते है , क्योकि ज़िन्दगी में

अब बस प्यार और सुकून लाते हैं, पर इस बार वो प्यार भी

हमारा और वो सुकून भी,क्योकि अब से

हम अपने लिए अपनो के साथ जीते हैं।


अब तो मंज़िल भी हमारी है, अपने-आपको

अपने-आप से मिलाने की

तो अभ दिल की देह्लिज़् को पार कर ही लेते हैं,

अब वक़्त है ज़िन्दगी को 'सुकून' से जीने की।


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