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S A Suri

Abstract

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S A Suri

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साथ

साथ

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ऐसा तो नहीं साथ नहीं होती मेरे तू

बदली की तरह ख्याल में होती है मेरे तू


जब जब भी बरसती है इक प्यार के झोंके से

आंखों में समंदर सी होती है मेरे तू।


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