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Kajal Joshi

Abstract

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Kajal Joshi

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प्यार की बातें हमसे ना किया करो

प्यार की बातें हमसे ना किया करो

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प्यार की बातें हमसे ना किया करो,

अब प्यार से डर लगता हैं हमें।


दिल लगाने की कोशिश हमसे ना करो,

अब दिल लगाने में दिलचस्पी नहीं हैं हमें। 


टूटे हुए हैं हम टुटा हुआ ही रहने दो,

अब फिर से जुड़ने की हिम्मत नहीं हैं हम में ।


उजाले से बेहतर अँधेरा हैं,

अब अँधेरे में ही रहने दो हमें। 


सन्नाटा अच्छा लगता है सन्नाटा ही रहने दो,

अब शोर से नफरत हो गयी हैं हमें। 


खुस रहना तोह भूल ही गए हैं हम,

अब सिर्फ रोने का मन करता हैं हमें। 


थक गए हैं हम अब ज़िन्दगी से लड़ते-लड़ते,

अब नफरत सी होने लगी हैं हमें खुद अपने आपसे। 


सच्च कहें तोह हार गए हैं हम खुद से भागते-भागते,

अब तोह दोबारा से जीने का मन भी नहीं करता हैं हमें।


प्यार की बातें हमसे ना किया करो,

अब प्यार से डर लगता हैं हमें,

अब प्यार से डर लगता हैं हमें।


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