प्रियंका रेड्डी जी
प्रियंका रेड्डी जी
फिर एक बार काँप गई है रुहें
आज फिर मेरा कत्ल हुआ
देख ना पाओगे मुझको ऐसा दुष्कर्म मेरे साथ हुआ,
जा रही थी घर को मैं स्कूटी का टायर पंचर हुआ,
डर गई थी दिल से मैं, कर रही थी फोन बहन को,
उतने मे दरिंदा एक, मेरे जिस्म पे सवार हुआ
करने लगा रेप तब तक,
हवस थी उसकी जब तक बाकी,
खुद को बचाने के खातिर
मैने ही उस से माफ़ी मांगी,
कर दिया मुह बंद मेरा और इतना वो गिर गया
छिड़क कर पेट्रोल मुझपे जला दिया रात के अंधेरो में,
थी उसको नफरत डॉक्टर से
क्योंकि जान मैं बचाती थी,
आज खुद की जान की खातिर माफ़ी मैने मांगी थी
आज खुद की जान की खातिर माफ़ी मैने मांगी थी।।
