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Shanulabhpoetry

Others

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बेटी आई

बेटी आई

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देखो देखो बेटी आई साथ में हँसी और खुशहाली लाई

सबने उस पर प्यार बरसाया 

अपना बनाकर उसे गोद में खिलाया

उसने भी सबको हंसाया, याद दिलाया

देखो देखो बेटी आई साथ में हँसी और खुशहाली लाई

पापा का हर प्यार है पाया,

भाइयों को हर ख़ुशी से मिलवाया

मम्मी की है वो सहेली 

सीधी साधी सुलझी पहेली

दादी की है प्यारी वो 

समाज की अहम नारी वो

दोस्तों के लिए है हाज़िर जवाबी

करती है अच्छे से मेहमान नवाजी

जब माँ बेटी पिता है राजी 

तो क्या कर लेगी समाज की बर्बादी

बेटी को लाना है पढ़ाना और देश सजाना है

कितनी प्यारी और सोनी वो 

देखो देखो मेरी बेटी है वो ।



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