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Nitish G Gupta

Abstract

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Nitish G Gupta

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प्रेम कहानी

प्रेम कहानी

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38


प्यार ऐसा करो कि नाम हो जाये 

थोड़े तुम कुछ हम बदनाम हो जाए 

लोग खाने लगे , हमारी कसमें ,

मैं राधे बनू तू मेरा श्याम हो जाये ।


धड़कनों की धडक , अब चुभने लगी ,

तेरी यादें घाव बन कर दुखने लगी

हो दीदार तेरा तो आराम हो जाये ,

मैं सीता बनू , तू मेरा राम हो जाये ।


कब आयेगी घड़ी , प्रिय मिलन की ,

शुरू होगी कहानी एक नवजीवन की 

खुशी से कद मेरा आसमान हो जाये 

मैं राधे बनू तू मेरा श्याम हो जाये ।

मैं सीता बनू , तू मेरा राम हो जाए! 



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