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Shraiyansh Daagar

Romance

3  

Shraiyansh Daagar

Romance

नींदें

नींदें

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मुसलसल किस्सों में, 

हिस्सेदारियां आम हुई!

दलीलें उठ कर जाने की,

सारेआम नाकाम हुई

गुफ्तगू रात से शुरू जो,

सुबह अंजाम हुई

खुमार ही टूटते शाम हुईं

नींदें बदनाम हुई!


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