STORYMIRROR

PRAJAKTA PARDHE

Inspirational

3  

PRAJAKTA PARDHE

Inspirational

नहीं

नहीं

1 min
350

जिंदगी में झाँक कर हर "नहीं" को ताको

खुद से ना डरने का वादा करके देखो

कभी "नहीं" के आगे बढ़ के देखो!!


हर "नहीं" रोकेगा नए सीख से तुम को

कभी गलतीयों से सिख कर,

उन्हे भी चुनना सीखो

कभी "नहीं" के आगे बढ़ के देखो!!


बंदिशों से, दीवारों से खुद को ना तुम रोको

हर गलती का कोरस होकर

जिम्मेदार होना सीखो

कभी "नहीं" के आगे बढ़ के देखो...!!


ना डर के इस गेरुआ से लकीर तुम खिंचो

शायद कुछ बेहतर मिल जाए,

उस पार जाने की तो सोचो

कभी "नहीं" के आगे बढ़ के देखो!!


इस "नहीं" के आगे मिला है

लाजवाब कुछ सभी को

जरा खुद को सबसे अलग बना के तो देखो

कभी नहीं के आगे बढ़ के तो देखो !!

                                                         



Rate this content
Log in

More hindi poem from PRAJAKTA PARDHE

Similar hindi poem from Inspirational