नहीं
नहीं
जिंदगी में झाँक कर हर "नहीं" को ताको
खुद से ना डरने का वादा करके देखो
कभी "नहीं" के आगे बढ़ के देखो!!
हर "नहीं" रोकेगा नए सीख से तुम को
कभी गलतीयों से सिख कर,
उन्हे भी चुनना सीखो
कभी "नहीं" के आगे बढ़ के देखो!!
बंदिशों से, दीवारों से खुद को ना तुम रोको
हर गलती का कोरस होकर
जिम्मेदार होना सीखो
कभी "नहीं" के आगे बढ़ के देखो...!!
ना डर के इस गेरुआ से लकीर तुम खिंचो
शायद कुछ बेहतर मिल जाए,
उस पार जाने की तो सोचो
कभी "नहीं" के आगे बढ़ के देखो!!
इस "नहीं" के आगे मिला है
लाजवाब कुछ सभी को
जरा खुद को सबसे अलग बना के तो देखो
कभी नहीं के आगे बढ़ के तो देखो !!
