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Garleen Kaur

Inspirational

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Garleen Kaur

Inspirational

मॉं

मॉं

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बड़े जतन से पाला है माँ ने,

हर एक मुश्किल को टाला है माँ ने।

ऊंगली पकड़कर चलना सिखाया,

जब भी गिरे तो संभाला है माँ ने।

चारो तरफ से हमको थे घेरे,

ज़लिम बड़े थे मन के अंधेरे।

बेठै हुऐ थे सब मुंह फेरे,

एक मॉं ही थी दीपक मेरे जीवन में।

अंधकार में डूबे हुए थे ‌हम,

किया ऐसे में उजाला मां ने।

मिलेगा न दुनिया में मॉं जैसा कोई,

मेरी ऑंखे बड़ी तो वो साथ रोई।

बिन उसकी लोरी के न आती थी निंदियाँ,

जादू सा कर डाला है माँ ने।

बड़े जतन से पाला है माँ ने,

हर एक मुश्किल को टाला है माँ ने।


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