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Dr. Akansha Rupa chachra

Inspirational

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Dr. Akansha Rupa chachra

Inspirational

मेरी पहचान

मेरी पहचान

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क्या है मेरी पहचान...

रहे खुद से अब तक अनजान

गहरे थे संघर्ष हुए परेशान,

कलुषिता मानव की जब

 सम्मुख आई,


बदले तन मन के सारे सोपान

अंतर्मन की शक्ति को लिया जान ,

निज गौरव का नित रहे ज्ञान 

जीयूं इस तरह से करूं कुछ ऐसे काम,

हवा जैसे सब पर है मेहरबान


सुगम बना पाऊं राहें सबकी कभी न हो मुझे गुमान..

लगे सोचने मनु अति रंजित

जीवन के इस दीन_विभव में

ज्यों प्रतिकूल तरणी पवन में,

करूं साधना मैं अभिराम..


मरणोत्तर रहे गुंजित गान

 स्वत्त्व सुधा रस हो पान 

उठ अमरत्व का करूं विधान 

बस यही है मेरी पहचान।


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உள்நுழை

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