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Swati Kumari

Abstract

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Swati Kumari

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मेरी मैडम

मेरी मैडम

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मेरी मैडम प्यारी सी

दुनिया में वो

सबसे न्यारी सी

हर बच्चे को वो

अपना कहती


सब के सपने को

सच वो करती

चोट अगर

हमें लग जाए

सबसे पहले आँख 

उनकी भरती


बच्चों के गम को वो

अपना कहती

अपनी हर खुशी

बच्चों के नाम करती

मेरी मैडम प्यारी सी

दुनिया में वो


सबसे न्यारी 

ख्वाब में भी वो

बच्चों को देखती

सबसे ज्यादा प्यार वो

हम बच्चों से ही करती


बच्चों को वो

ईश्वर का रूप मानती

हर बात को वो

प्यार से समझाती

कभी ना किसी को


वो मारती

ना ही कभी डराती

प्यार से ही वो

हर बातों को समझाती

मेरी मैडम प्यारी सी

दुनिया में वो

सबसे न्यारी सी।


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