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Ayushi Gaur

Abstract

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Ayushi Gaur

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मेरा विकल्प, मेरा हक़

मेरा विकल्प, मेरा हक़

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कुछ कर जाने की ज़िद

कुछ पा लेने का जुनून

कुछ बन जाने का जज़्बा

किसी की दुआयें पा लेने का सुकून;


एक ही ज़िन्दगी, उसे 

बड़ा बनाने का साहस

मौत के घाट जाऊँ, 

क्यूँ ना उससे पहले बहुतों को सुख दे पाऊँ;

अपने देश की पावन 

मिट्टी से खुद को रंग जाऊँ;


मेरा जीवन, उसे कैसे जीना

ये केवल मेरा विकल्प, मेरा हक़।


विवाह करना या ना करना

विवाह उपरांत कहाँ रहना 

और कहाँ ना रहना

ये सोचना या बताना 

औरों का विषय नहीं

ये केवल मेरा विकल्प, मेरा हक़।


मेरे माँ-बाप के बुढ़ापे का सहारा बन्ना

उन्हें इस जग की ख़ुशियों से

अवगत कराना

हर पल उनके साथ समय 

बिताकर जीवन जीना

और कहीं दूर सैर पर ले जाना


ये कोई और ना बतलाए 

मुझे क्यूँकि नारी हूँ मैं

ये केवल मेरा विकल्प, मेरा हक़।


समाज की क्या रीतियाँ हैं

लोगों की क्या धारणाएँ हैं

ये सब व्यर्थ का अज्ञेयवादी 

समाज ना बतलाए मुझे

क्यूँकि मुझे क्या करना है ये 

मेरा संविधान मुझे बताता है;


क्यूँकि मेरा देश मुझे दिलाता है

मेरा विकल्प, मेरा हक़।


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