Keshav singh Rathour
Inspirational
मेहनत तू बस करता जा
परिणाम सही ही निकलेगा
एक ना एक दिन तू
सबसे आगे निकलेगा
तेरी असफलता पर क्या कहेंगे
दोस्त और समाज
यह सोच दिमाग से निकालते जा
मेहनत तू बस करता जा।।
समय
मेहनत
स्कूल के वो द...
एक दुखियारी
हम इंतजार करे...
ये कविता पिता और परिवार के रिश्तों का आयना है । ये कविता पिता और परिवार के रिश्तों का आयना है ।
मुझे आता है बस अभिनय करना रिश्तों के चरित्र में ढलकर… बँट जाना घर के कमरों की तरह जिस कमरे में जाओ उ... मुझे आता है बस अभिनय करना रिश्तों के चरित्र में ढलकर… बँट जाना घर के कमरों की तर...
लाखों पीड़ा ह्रदय में समेटे तुम सब का बिहार हूँ मैं! लाखों पीड़ा ह्रदय में समेटे तुम सब का बिहार हूँ मैं!
ताज के आम हीरो ' (Based on the events of 26/11) ताज के आम हीरो ' (Based on the events of 26/11)
रोम रोम को झंकृत कर देने की शक्ति समाहित किये हुऐ आपके प्रिय कवि विद्रोही का श्रृंगार और करुण रस का ... रोम रोम को झंकृत कर देने की शक्ति समाहित किये हुऐ आपके प्रिय कवि विद्रोही का श्र...
तुम दर्द को मुस्कराहट में दबा दो, तुम हर गम को दिल से हटा दो। तुम दर्द को मुस्कराहट में दबा दो, तुम हर गम को दिल से हटा दो।
नवलेखकों का अंग्रेजी के तरफ बढ़ता प्रेम मान्य है परंतु हिंदी से प्रेम ना कर पाना उचित नहीं । - विद्रो... नवलेखकों का अंग्रेजी के तरफ बढ़ता प्रेम मान्य है परंतु हिंदी से प्रेम ना कर पाना ...
हौसलों की उड़ान में, इरादों को मकसद बनाकर तो देखो; प्रगति पथ पर तुम, हिम्मत से कदम उठाकर तो देखो... हौसलों की उड़ान में, इरादों को मकसद बनाकर तो देखो; प्रगति पथ पर तुम, हिम्मत से क...
कहानी थी, अँधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा I कहानी थी, अँधेर नगरी चौपट राजा, टके सेर भाजी, टके सेर खाजा I
जो अँधेरा मुझे निगल गया था वही मेरी बच्ची के भविष्य की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब मेरे विद्रोह के ज्वाल... जो अँधेरा मुझे निगल गया था वही मेरी बच्ची के भविष्य की ओर बढ़ रहा था लेकिन अब म...
, आज़ाद सही मायनों में और फिर से मनाययेगें उत्सव स्वतंत्रता का। , आज़ाद सही मायनों में और फिर से मनाययेगें उत्सव स्वतंत्रता का।
भावों को शब्दों में भरकरपन्नों पर बिखराते हैं जोबंजर मन में नेह-सुमन कीनूतन पौध लगाते हैं जो भावों को शब्दों में भरकरपन्नों पर बिखराते हैं जोबंजर मन में नेह-सुमन कीनूतन पौध ...
मैं भी खुद से विमुख खुद की जड़ें ढूँढने लगती हूँ ...।। मैं भी खुद से विमुख खुद की जड़ें ढूँढने लगती हूँ ...।।
ना जाने कैसे उसकी माँ रात भर सोए होगी, उसके सीने में गोली लगने से पहले वो रोई होगी। ना जाने कैसे उसकी माँ रात भर सोए होगी, उसके सीने में गोली लगने से पहले वो रो...
हो भाग्यहीन तुम, नहीं जन्मीं कन्या तुमने, कन्यादान है महादान। हो भाग्यहीन तुम, नहीं जन्मीं कन्या तुमने, कन्यादान है महादान।
ये कविता उन सब लोगों को समर्पित है जो अपंग होते भी ज़िन्दगी से हार नहीं मानते, डटे रहते हैं, ज़िन्दगी... ये कविता उन सब लोगों को समर्पित है जो अपंग होते भी ज़िन्दगी से हार नहीं मानते, ड...
मुस्कराकर अपनी ही ख्वाहिशों को तोड़ देता है शायद उसे ही पिता कहते हैं। मुस्कराकर अपनी ही ख्वाहिशों को तोड़ देता है शायद उसे ही पिता कहते हैं।
भक्ति में प्रभु रंग में रंग जाना प्यार है राम नाम से जिंदगी का सार पाना प्यार है। भक्ति में प्रभु रंग में रंग जाना प्यार है राम नाम से जिंदगी का सार पाना प्यार ...
भारत के वीर सपूत,देश हित जान गंवाई अपनी जान दी कभी गर्दन नहीं झुकाई। भारत के वीर सपूत,देश हित जान गंवाई अपनी जान दी कभी गर्दन नहीं झुकाई।
छत की सरजमी भी बड़ी प्यारी है जनाब, दिखाती है नजरों को दिन में ख्वाब। छत की सरजमी भी बड़ी प्यारी है जनाब, दिखाती है नजरों को दिन में ख्वाब।