मेहनत कविता
मेहनत कविता
नहीं बनाया किसी ने टाटा, बिलगेट, अंबानी
मेहनत का ऐसा फल मिला ,जानता है इन्हें हर एक प्राणी।
जो सोचा ना था, वह करके दिखाया,
मेहनत के बलबूते पर अपनी मंज़िल को पाया।
कोशिश कर तू हाल निकलेगा,
आज नहीं तो कल निकलेगा।
तू बस मेहनत तो कर, और देख,
सूखे कुएं से भी जल निकलेगा।
दुनिया के सारे जानवर पाले नहीं जाते,
दूध पीने वाले बच्चे उछाले नहीं जाते।
मेहनत से कामयाबी जरूर मिलती है ,
हर काम किस्मत के भरोसे टाले नहीं जाते।
कामयाबी एक नशा है, मेहनत करके पीयो
कोई शराब या जाम नहीं है।
जो बिना मेहनत पी गया,
उसे आराम नहीं है ।
