STORYMIRROR

Tripti Gehalawat

Inspirational Others

4  

Tripti Gehalawat

Inspirational Others

मातृ भाषा हिन्दी

मातृ भाषा हिन्दी

1 min
333


गर्व है हमें 

अपनी मातृ भाषा हिन्दी पर। 


संस्कृत से है जन्मी 

देवनागरी लिपि से है बनी 

सहेली है ये उर्दू की 

मार्ग दर्शक है ये अंग्रेजी की 

छाप है इसकी हर भाषा पर॥ 

गर्व है हमें 

अपनी मातृ भाषा हिन्दी पर। 


एक एक शब्द के है अर्थ अनेक 

है अनेक अर्थों का शब्द एक 

देखो उदाहरण पृथ्वी कहलाती धरा धरती भू 

आकाश कहलाता नभ गगन अम्बर॥ 

गर्व है हमें 

अपनी मातृ भाषा हिन्दी पर। 


जीने की राह दिखाए 

इसीलिए हिन्दी माँ कहलाये 

सुसज्जित है अलंकारों से 

सजाती है जीवन संस्कारों से 

जीवन के हर पहलू पे है जिसका असर॥ 

गर्व है हमें 

अपनी मातृ भाषा हिन्दी पर। 


चलो कदम बढ़ाए 

हिन्दी दिवस पर ये कसम खाए 

खुद बोले हिन्दी औरों को भी बोलना सिखाए 

सही में हिन्दी को मातृ भाषा बनाए 

ताकि गर्व हो पूरे हिन्द को हिन्दी पर॥ 

और दिल से सब बोले 

गर्व है हमें 

अपनी मातृ भाषा हिन्दी पर। 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational