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Ramji lal Trivedi

Inspirational

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Ramji lal Trivedi

Inspirational

माँ

माँ

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पाकर तेरा स्पर्श नेह

तन में नवजीवन आता है

मातृत्व सिमटता नैनों मे 

तन रक्त वर्ण हो जाता है

आशीष भरी चितवन से मां

नर सूर कर्ण हो जाता है

तेरे चरणों में चैन मिले

आंचल तेरा ही भाता है

अद्भुत है तेरा रूप मात,

चैन सुत का तुझको हर्षाता है

वाणी में एक कटु शब्द भले हों

अंतर में मैल न आता है 

आदर्श तुम्हारे कर्म बनें

आग्रह उज्जवल फल दाताहै 

धन राशि रत्न के कोष मध्य

मन तुझको भूल न पाता है

जननी तेरी जय जय जग में

जग तुझको शीश नवाता है

पाकर तेरा स्पर्श नेह

तन में नवजीवन आता है

तुझ को शत-शत नमन मात 

तू मेरी भाग्यविधाता है 

सर्वोपरि तू सब इष्टोंमें

जननी तू जीवनदाता है।


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