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Aarjav Srivastav

Abstract

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Aarjav Srivastav

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माँ की ममता

माँ की ममता

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बाँहो में भर लूँ ,

साँसों में समा लूँ ,

आ मेरे मुन्ने, मैं तुझे गले से लगा लूँ।


तू जो माँगे, वह सब दिला दूँ

काम नेक हो और दिल हो सच्चा

यही होनी चाहिए मेरे मुन्ने की इच्छा


दुनिया वालों को यह दिखाकर

मैं अपना अभिमान बढा दूँ

आ मेरे मुन्ने, मैं तुझे गले से लगा लूँ।


गलती कर तू बचना चाहे

तो मैं अपने आँचल में छुपा लूँ।

मगर उम्मीदें है तुझसे बहुत,

तू हमारे दर्द को समझ, ना कर हठ,


पढ़ाई में दिमाग लगा और बन जा आर्यभट्ठ

ज्ञान का तू कर जतन

मेरे प्यारे अनमोल रतन।


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