लॉकडाउन के दौरान प्रकृति में आए बदलाव
लॉकडाउन के दौरान प्रकृति में आए बदलाव
देश की रंगत बदल रही है,
प्रकृति करवट ले रही है,
जीतना है जहान को,
मानव की थी सोच,
ओछी लगने लगी,
जब आई को रोना की फौज,
घर के आंगन की आभा बदल रही है,
प्रकृति करवट ले रही हैI
सिमटने को घर के अंदर मानव हुआ लाचार,
खाली सड़क से कार्बन पर हुआ कड़ा प्रहार,
शोरगुल से परे चिरैया बोल रही है,
प्रकृति करवट ले रही है l
भोर में चमक बढ़ी, धुंध भी छटी हुई,
चांदनी की यह छटा दिल चुरा कर ले गई,
प्रदूषण की पीड़ा घट रही है,
प्रकृति करवट ले रही हैl
