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manaswin singh kakran

Children Stories Inspirational Others

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manaswin singh kakran

Children Stories Inspirational Others

प्रतिशोध

प्रतिशोध

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प्रतिशोध का न रख विचार,

इससे बिगड़ जाता है आचार,

देता है ये सभी रिश्तों को तोड़,

और आ जाता हैं जीवन मे कठिन मोड़।


प्रतिशोध का सदा कर त्याग,

इस भावना में है द्वेष और राग ,

समय का चक्र होता है बड़ा बलवान ,

इसकी मार से दुष्टों को भी आ जाता है

उचित ज्ञान।

प्रतिशोध की धारणा को बदलो, 

अपने भीतर प्रेम और क्षमा की

भावना को भर लो,

सत्यता के मार्ग पर अग्रसर रहो,

गलत और झूठ को कभी मत सहो।


प्रतिशोध है एक ऐसी बीमारी, 

जो लूट लेती है ख़ुशियाँ सारी,

अपना आत्मचितंन करते रहो,

दूसरों की गलत भावना में न बहो ।


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