Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!
Exclusive FREE session on RIG VEDA for you, Register now!

niraj nanda

Inspirational


1  

niraj nanda

Inspirational


लक्ष्य पथिक का

लक्ष्य पथिक का

1 min 26 1 min 26

दूर है किनारा, ना कोई सहारा

बढ़ता रहता आगे और आगे

रहे रौशनी या अंधेरा

पल पल सोचता मैं बेचारा


मन ही मन में है विश्वास

इस पार भी तू प्रभु

उस पार भी तू

न मुझे डर ना बहाना

तू मेरे साथ वही किनारा



Rate this content
Log in

More hindi poem from niraj nanda

Similar hindi poem from Inspirational