STORYMIRROR

niraj nanda

Inspirational

1  

niraj nanda

Inspirational

लक्ष्य पथिक का

लक्ष्य पथिक का

1 min
48

दूर है किनारा, ना कोई सहारा

बढ़ता रहता आगे और आगे

रहे रौशनी या अंधेरा

पल पल सोचता मैं बेचारा


मन ही मन में है विश्वास

इस पार भी तू प्रभु

उस पार भी तू

न मुझे डर ना बहाना

तू मेरे साथ वही किनारा



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational