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Aadiitya kulkaarni

Abstract

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Aadiitya kulkaarni

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क्यूँ कि ....

क्यूँ कि ....

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कुछ भी कहो यारो

मौत रिश्वत नहीं लेतीं

चाहे कितना भी ऐहसान करो

मृत्यू अटल होता है..

कुछ भी कहों यारो

मौत रिश्वत नहीं लेतीं

जिंदगी खुद के दम पर जिलो

या गुलाम बन के

मौत रिश्वत नहीं लेतीं....

दुनिया छोटी हो या बडी

सुख हो या दुख

समय आ गया तो भी

मौत रिश्वत नहीं लेतीं...

सब कुछ किया जिंदगी मैं

ऐसा सोचो

पराए को अपना समजो, या अपनो को पराया

वक्त से पहले ना कुछ मिलेगा ना बाद मैं

क्यूँ कि मौत रिश्वत नहीं लेतीं..


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