STORYMIRROR

Kalpana Mishra

Inspirational

4  

Kalpana Mishra

Inspirational

कर्तव्य

कर्तव्य

1 min
333

कहते हैं कि उगता सूरज

मन में नयी आशायें लेकर आता है

पर अब तो मुझे 

डूबता हुआ सूरज

अपना सा लगता है।

 

जो उस दिन 

पापा के अस्तित्व को

पंचतत्व में विलीन होते देख

खुद भी धीरे-धीरे 

अस्त हो रहा था।


तब से अब तक 

मैं रोज़ शाम को 

नदी किनारे बैठ जाता हूँ 

उसकी अट्टहास करती लहरें 

मेरे आँसू और 

मेरे मन के गुबार को भी 

अपने संग बहा ले जातीं।


पर आज उन्हीं लहरों के बीच

एक चेहरा देखा

बहुत उदास सा

कुछ-कुछ मेरे पापा जैसा

हाँ, वह पापा ही थे

आँखों में आँसू लिए 

मानो मुझसे कह रहे थे,

 

"कब तक मेरी यादों को 

दिल से लगाकर रखोगे ?

कब तक आँसू बहाओगे ? 

जीवन, मरण तो अटल सत्य है

इसको कैसे झुठलाओगे ?


मैं तो अब अतीत हुआ

पर तेरा तो वर्तमान पड़ा है 

उठो,जाओ और कर्म करो

यूँ जीवन मत बर्बाद करो"

सच ही तो कहते हैं पापा 

जीवन और मौत तो सत्य है।

 

जो आया है,

वह निश्चित ही जायेगा

पर जो जी रहे हैं 

उनके लिए भी तो 

कुछ कर्तव्य निभाना है !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Kalpana Mishra

Similar hindi poem from Inspirational