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Goyal Ji

Abstract

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Goyal Ji

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ख्याल

ख्याल

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पता था निकलोगे रुमाल तुम

नहीं सुन सकोगे मिरा हाल तुम


तलब नींद की है मुझे रात में

चुरा लो ना मेरे सभी ख्याल तुम


धड़कना कहीं दिल बंद कर न दे

हटाओ न चेहरे से यूं बाल तुम


निचोड़ा कहीं का न छोड़ा मुझे

उधेड़ोगे अब क्या मेरी खाल तुम।


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