STORYMIRROR

अkshay Mulge

Inspirational

3  

अkshay Mulge

Inspirational

ख़ुद का साथी...

ख़ुद का साथी...

1 min
29

मत मांग किसी से साथ रहने की भीख

तू अकेला ही आया था अकेले जीना सीख...

अकेलापन दिखाएगा तो, ये समाज तुझे

चील कौओं सा नोच नोच के खायेगा......

सब्र रख खुद को पहचान, खुद से दोस्ती कर,

इस समाज से क्या खुद के विषाद से भी

तू लड़ जाएगा....

जरूरत नहीं है तुझे किसी और की

खुद को खुद से अच्छा साथी

तुझे कहाँ मिल पायेगा......


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Inspirational