Piyush Putu
Comedy Drama
भिड़े हुए हैं फोन पर,
धारण करके मौन।
उन्हें नहीं चलता पता,
आता-जाता कौन।।
मुक्तक
दोहा
हमारा परममित्र, नाम उसका रामभाया हमारे घर आया । हमारा परममित्र, नाम उसका रामभाया हमारे घर आया ।
और फिर इक बार लगा ये उम्र बड़ा बेदर्दी है, इस की गिनती हर उम्र में देती तकलीफ है। और फिर इक बार लगा ये उम्र बड़ा बेदर्दी है, इस की गिनती हर उम्र में देती तकलीफ ...
केक टॉपिंग की स्वीट सी चेरी हूं, ओ बहना, मैं 'टेढ़ी हूं पर तेरी हूं' केक टॉपिंग की स्वीट सी चेरी हूं, ओ बहना, मैं 'टेढ़ी हूं पर तेरी हूं'
क्या से क्या बन गए हो तुम इस कंजूसी की आदत से...! क्या से क्या बन गए हो तुम इस कंजूसी की आदत से...!
ऐसा नहीं अदावत, यहाँ किसी को किसी से है, आह भर के देख लो तुम, ये उमड़ते भी बहुत है ऐसा नहीं अदावत, यहाँ किसी को किसी से है, आह भर के देख लो तुम, ये उमड़ते भी ...
बैंक ख़ाली मेरा कर डाला, चालू बीवी से पड़ गया पाला। बैंक ख़ाली मेरा कर डाला, चालू बीवी से पड़ गया पाला।
दांत और बाल नेता जी के नकली, पोस्टरों में वो लगते थे असली, दांत और बाल नेता जी के नकली, पोस्टरों में वो लगते थे असली,
मौज-मस्ती वाली फिल्मों की, आलोचना करने लगे हो तो, समझना बूढ़े हो चले। मौज-मस्ती वाली फिल्मों की, आलोचना करने लगे हो तो, समझना बूढ़े हो चले।
जाने कैसे वाकिफ़ हो गया तमाम शहर...!! जाने कैसे वाकिफ़ हो गया तमाम शहर...!!
अकेला सफर था यह पहला सफर, शायर और नेता के साथ का सफर, अकेला सफर यह पहला सफर। अकेला सफर था यह पहला सफर, शायर और नेता के साथ का सफर, अकेला सफर यह पहला सफर।
और किसी को बीमारी बताने में शर्म बड़ी आई है। और किसी को बीमारी बताने में शर्म बड़ी आई है।
करोना घर घर ना फैल पाएगा। अल्पायू का आशीर्वाद लेकर, देखो यह फिर न कभी अपना जन्मदि करोना घर घर ना फैल पाएगा। अल्पायू का आशीर्वाद लेकर, देखो यह फिर न कभी ...
छोड़े, लड़ाई, झगड़े, खाये-खिलाये पकौड़ी मिटाये, भेद-भाव, वैमनस्य की यह डोरी छोड़े, लड़ाई, झगड़े, खाये-खिलाये पकौड़ी मिटाये, भेद-भाव, वैमनस्य की यह डोरी
ओ हस्तिनी, मेरी हस्तिनी कहां भग चली। ओ हस्तिनी, मेरी हस्तिनी कहां भग चली।
तुम्ही मेरे किशमिश, तुम्ही बादाम दोस्तों। सुबह तुम्ही हो, तुम्ही मेरी शाम दोस्तों। तुम्ही मेरे किशमिश, तुम्ही बादाम दोस्तों। सुबह तुम्ही हो, तुम्ही मेरी शाम दो...
तुम शहर की गौरी हो, मै हूँ गांव का ग्वाला। तुम शहर की गौरी हो, मै हूँ गांव का ग्वाला।
आँखें मींचेंल गता है किसी चाय वाले ने ये रायता फलाया है फिर तो ये Fridge ज़रूर Nehru आँखें मींचेंल गता है किसी चाय वाले ने ये रायता फलाया है फिर तो ये Fridge ज़र...
माॅनसून से डर नहीं लगता साहब,फरमाईशों से लगता है। माॅनसून से डर नहीं लगता साहब,फरमाईशों से लगता है।
ये चाट है बड़ी निराली..देखो मुहँ मे आये पानी... ये चाट है बड़ी निराली..देखो मुहँ मे आये पानी...
पंगा न लेने की आपकी इच्छा, आप सही रास्ते पर हैं। पंगा न लेने की आपकी इच्छा, आप सही रास्ते पर हैं।