Piyush Putu
Comedy Drama
भिड़े हुए हैं फोन पर,
धारण करके मौन।
उन्हें नहीं चलता पता,
आता-जाता कौन।।
मुक्तक
दोहा
समन्वय दांपत्य जीवन में अगर है लाना, होगा पराठा को तो भूल जाना। समन्वय दांपत्य जीवन में अगर है लाना, होगा पराठा को तो भूल जाना।
इसीलिए हम आपको धन्यवाद देते हैं। और अपनी यादों के मेले में चल देते हैं। इसीलिए हम आपको धन्यवाद देते हैं। और अपनी यादों के मेले में चल देते हैं।
पहला शब्द हिंदी का ही था बाद के शब्द आपकी लाचारी है। पहला शब्द हिंदी का ही था बाद के शब्द आपकी लाचारी है।
पर पत्नी की शान के खिलाफ मुँह न खोल पाऊँ आखिर मैं भी तो प्रधानपति ही कहलाऊँ। पर पत्नी की शान के खिलाफ मुँह न खोल पाऊँ आखिर मैं भी तो प्रधानपति ही कहलाऊँ।
हमारे सिर की गंजी "चांद" देख लीजिए। और खाना तैयार है बस बिस्मिल्लाह कीजिए। हमारे सिर की गंजी "चांद" देख लीजिए। और खाना तैयार है बस बिस्मिल्लाह कीजिए...
कि काल्पनिक राम का दर्शन सिर्फ कल्पनाओं में ही होता है। कि काल्पनिक राम का दर्शन सिर्फ कल्पनाओं में ही होता है।
सुंदर बीवी का ख्वाब देखते देखते उसकी लुटिया तो डूब गई। सुंदर बीवी का ख्वाब देखते देखते उसकी लुटिया तो डूब गई।
इंतजार करुंगी तेरे वापस आने का कि लड़ाई अभी बहुत बाकी है। इंतजार करुंगी तेरे वापस आने का कि लड़ाई अभी बहुत बाकी है।
पहली बार पूरे कुनबे के साथ पापा मम्मी के साथ दिवाली मनाई। और रेलगाड़ी की मौज मनाई। पहली बार पूरे कुनबे के साथ पापा मम्मी के साथ दिवाली मनाई। और रेलगाड़ी की मौज ...
बहू सास कहे या सहेली ये कैसा रिश्ता पहेली हो गया बहू सास कहे या सहेली ये कैसा रिश्ता पहेली हो गया
बना दिया मुफ़लिस तेरे प्यार नें बना दिया मुफ़लिस तेरे प्यार नें बना दिया मुफ़लिस तेरे प्यार नें बना दिया मुफ़लिस तेरे प्यार नें
फिर विग को क्यों कहें फिजूल? कुछ तो लॉयर हैं चंडुल। फिर विग को क्यों कहें फिजूल? कुछ तो लॉयर हैं चंडुल।
रिश्ते नाते की छोड़ो परवाह बस पैसे तुम जुटाओ, क्योंकि इस दुनिया में हर जगह पैसा बोलता रिश्ते नाते की छोड़ो परवाह बस पैसे तुम जुटाओ, क्योंकि इस दुनिया में हर जगह प...
तरह-तरह के पकवान बने हैं, पानी का कुल केज साथ है। तरह-तरह के पकवान बने हैं, पानी का कुल केज साथ है।
और काले जादू की अफवाह की लपेट में ना आ जाए। और काले जादू की अफवाह की लपेट में ना आ जाए।
"खैराती" कह रहे हैं कि अब "गोविन्द" की खैर नहीं है "द्रोपदी" को "दुर्योधन, दुशासन" स "खैराती" कह रहे हैं कि अब "गोविन्द" की खैर नहीं है "द्रोपदी" को "दुर्योधन, ...
वरना बजा दूँगी मैं तेरा बैंड बाजा, मैं क्या कर सकती हूं तूझे तो पता है न मेरे राजा। वरना बजा दूँगी मैं तेरा बैंड बाजा, मैं क्या कर सकती हूं तूझे तो पता है न मेरे...
मगर आज वापस आपकी बातों से इशारों इशारों से बात करने का बचपन का मंजर याद आ गया है। मगर आज वापस आपकी बातों से इशारों इशारों से बात करने का बचपन का मंजर याद आ गय...
चाय के साथ अखबार पढ़ने बैठता हूं, घर के सामने लगे पेड़ पर कोई मुझे घूरता है। चाय के साथ अखबार पढ़ने बैठता हूं, घर के सामने लगे पेड़ पर कोई मुझे घूरता है।
जब जब सिंघासन ने सिमा लांघी तब तब जंगल मे तबाही दिखाई दी है। जब जब सिंघासन ने सिमा लांघी तब तब जंगल मे तबाही दिखाई दी है।