Piyush Putu
Comedy Drama
भिड़े हुए हैं फोन पर,
धारण करके मौन।
उन्हें नहीं चलता पता,
आता-जाता कौन।।
मुक्तक
दोहा
न तो जी पाते सही से, और न ही सलीके से मर पाते हैं, न तो जी पाते सही से, और न ही सलीके से मर पाते हैं,
युवाओं के सपनों में इंद्रधनुषी रंग भरेगा घरों से निकल कर महिलाएं घूमर घालेंगी युवाओं के सपनों में इंद्रधनुषी रंग भरेगा घरों से निकल कर महिलाएं घूमर घालें...
जो भी धमा चौकड़ी करनी है, वहीं करेंगे, जो भी धमा चौकड़ी करनी है, वहीं करेंगे,
कल रात यमराज से मुलाकात हो गई, कुछ प्यार मोहब्बत और कुछ तकरार हो गई। कल रात यमराज से मुलाकात हो गई, कुछ प्यार मोहब्बत और कुछ तकरार हो गई।
यही तो दु:खदायी मसला है, यही तो दु:खदायी मसला है,
साथ में चाय पकौड़ी का आनन्द उठा रहा हूँ, फोन रख दो नहीं तो अब मैं ही रख रहा हूँ। साथ में चाय पकौड़ी का आनन्द उठा रहा हूँ, फोन रख दो नहीं तो अब मैं ही रख रहा ह...
अभी पूजा पाठ उठकर बाहर आया तो सामने यमराज को कुर्सी पर बैठा पाया। अभी पूजा पाठ उठकर बाहर आया तो सामने यमराज को कुर्सी पर बैठा पाया।
वो यूँ ही भाषणबाजी करते... श्रोताओं को आसमानी ख्वाब दिखाते... वो यूँ ही भाषणबाजी करते... श्रोताओं को आसमानी ख्वाब दिखाते...
रिश्तों में लाभ हानि का व्यापार मैं नहीं करता लेकिन पीठ पीछे वार भी जब तब मैं हूँ सहता रिश्तों में लाभ हानि का व्यापार मैं नहीं करता लेकिन पीठ पीछे वार भी जब तब मैं...
उमर का लिहाज करो, हटो अंकल को बैठने दो उमर का लिहाज करो, हटो अंकल को बैठने दो
अब तो दादी दिन भर फोन लेकर उस सोशल मीडिया के अंदर ही घुस गई। अब तो दादी दिन भर फोन लेकर उस सोशल मीडिया के अंदर ही घुस गई।
साथ में मेरी भी चांदी चांदी हो गई अब मैं महात्मा हूं मोनी बाबा हूं लोग मुझे पूछते हैं। साथ में मेरी भी चांदी चांदी हो गई अब मैं महात्मा हूं मोनी बाबा हूं लोग मुझे पूछत...
कारसेवकों पर गोलियां चलवाकर अब कैसे अपनी पीठ थपथपा पाएंगे। कारसेवकों पर गोलियां चलवाकर अब कैसे अपनी पीठ थपथपा पाएंगे।
तू खुद को बहुत होशियार समझता है बाकी सब क्या तुझे बेवकूफ लगते हैं? तू खुद को बहुत होशियार समझता है बाकी सब क्या तुझे बेवकूफ लगते हैं?
यह हमें या आपको नहीं उसे समझने की जरूरत है यह हमें या आपको नहीं उसे समझने की जरूरत है
चला था 'प्यार की राहों' में आज भी उससे कांटे हटा रहा हूं। लहुलूहान हो ,''प्यार की रस्में निभा रह... चला था 'प्यार की राहों' में आज भी उससे कांटे हटा रहा हूं। लहुलूहान हो ,''प्य...
बात अपने स्वाभिमान पर आ जाए तो किसी के कान के नीचे एक बजा भी सकती है बात अपने स्वाभिमान पर आ जाए तो किसी के कान के नीचे एक बजा भी सकती है
मैं उसके साथ अपनी मित्रता को बढ़ाने लगा। मैं उसके साथ अपनी मित्रता को बढ़ाने लगा।
कोई तो हो साधन,हम हृदय में बस जाएं। लोगों से प्यार मिले, स्मृति पटल पर छा जाएं।। कोई तो हो साधन,हम हृदय में बस जाएं। लोगों से प्यार मिले, स्मृति पटल पर छा जा...
वे मन में कुछ सोच रहे थे, उन्होंने सारे कागज अलग अलग करके देखें, वे मन में कुछ सोच रहे थे, उन्होंने सारे कागज अलग अलग करके देखें,