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jaya chitranshi

Inspirational

4.0  

jaya chitranshi

Inspirational

धरती माँ

धरती माँ

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345


अब मैंने ठाना है मुझे कुछ कर दिखाना है,

हमें एक जुट होकर धरती माँ को बचाना है,

जब तक हूँ इस धरती पर चैन से नहीं बैठना है,

है मुझे कुछ अलग कर दिखाना है,


इस धरती माँ के लिए मेरा शरीर न्योछावर है

है मुझे कुछ अलग धरती माँ के लिए कर

दिखाना है।

अगर किसी ने आँख उठाकर भी देखा तो

उसे सबक सीखना है

हे धरती माँ तू है मेरी जान तू है मेरी शान, 

कुछ भी करूँ मैं तेरे लिए क्योंकि तू

है मेरी आन बान और शान 


हे धरती माँ कितना सहन करती है तू हम

सबके लिए क्या मेरा कुछ फर्ज़ ही नहीं तेरे लिए 

मुझे सिर्फ तेरे लिए जीना है, तेरे लिए ही मरना है,

हमें एक जुट होकर धरती माँ को बचाना है।

तू है इस ब्रह्माण्ड की देवी, जिसकी रक्षा

करना हम सबका कर्तव्य है 


हे धरती माँ आप जो कुछ भी हमें प्रदान करे

उसका सम्मान करना हम सबका कर्तव्य है 

अब मैंने ठाना है मुझे कुछ कर दिखाना है,

हमें एक जुट होकर धरती माँ को बचाना है,

अगर किसी ने आपको कष्ट दिया तो उसको

सबक सिखाएंगे ।



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