चौपाई छंद -तरुण
चौपाई छंद -तरुण
चौपाई छंद - तरुण तरुण अवस्था जीवन धारा। नव उमंग से जगमग सारा।। शक्ति अपार संग तरुणाई। समय-समय पर ले अँगड़ाई।। श्रद्धा भाव नमामि-नमामी। तरुण हमारे नव अनुगामी।। तरुणाई जब ले अँगड़ाई। मान लीजिए आँधी आई।। इसी समय पथ विचलन होता। तरुण जोश में संयम खोता।। इन पर देना ध्यान जरूरी। आशाएं तब सबकी पूरी।। निंदा से है कुंठा बढ़ती। करना नहीं हमें ये गलती। तरुण हमारे कल के नायक। ये समाज के नव परिचायक।। तरुण बनेंगे जब अनुरागी। होंगे धन्य सभी बड़भागी।। मान तरुण को भी है देना। उनके पंखों को है सेना।। शाँति भाव से इनकी बातें। समझें सब जो भी जज़्बातें।। आप भरोसा इनका करिए। नहीं डराएँ, खुद मत डरिए।। सुधीर श्रीवास्तव
