भारत की बैडमिंटन चैंपियन साइना नेहवाल
भारत की बैडमिंटन चैंपियन साइना नेहवाल
कुछ सपनों को लेकर पल रही थी,
मां की गोद में,
बेटी थी वो दूसरी,
तो सपने उनके छोटे थे पर उम्मीदें बड़ी थी,
उनकी अम्मा ने उनसे नज़रें चुराई,
पर उन्होंने उनकी नजरों को जीना सिखाया,
वो हरियाणा में हर लड़की की पहचान बनी,
तो कई लड़कियों की उम्मीदें,
8 की उम्र में कराटे चैंपियन रही,
फिर बैडमिंटन खेल में चैंपियन बनती रही,
मां - पापा के सपनों को ख़ुद का सपना समझ ,
देश का नाम रौशन किया ,
हर हारते हुए खेल में जीतने की उम्मीद दिखा,
हर भारतीय का सपना पूरा किया,
मां का साथ हमेशा मिला तो ,
मां की उम्मीदों पर खरी भी उतरी,
ऐसी है हमारी बैडमिंटन प्लयेर - साइना नेहवाल
