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Suresh Kulkarni

Abstract

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Suresh Kulkarni

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बाँटो खुशी

बाँटो खुशी

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हंस दो जरा सा बाँटो खुशी

काँटो से बेहतर फूल होते हैं

बना लो गुलदस्ता सुंदरसा

लूटो लुटाओ बाँटो खुशी !


झेललो मजबूरीयां परेशानगी

गम ना करो भूल जाओ 

हंस दो हंसाओ बाँटो खुशी

जियो जिंदगी

लूटो लुटाओ बाँटो खुशी !


गुलाब खिलते है काँटोमें

जैसे जोकर कोई सर्कस में

हंसोसो हंसाओ जियो जिंदगी 

भर भरके बाँटो लूटो खुशी


प्यारका नाम दूजा त्याग है

जीवन का नाम दूजा भोग है

सह लो भोग लो भूल जाओ

जियो जिंदगी बाँटो खुशी !


जो हुआ अबतक होना ही था

होना है जो भी वो हो के रहेगा

चलते रहो पथ पे तुम अपने

सुकूं मिला राह में मानो खुशी !




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