STORYMIRROR

Dr. Shikha Kaushik

Abstract

2  

Dr. Shikha Kaushik

Abstract

365 दिन नारी के

365 दिन नारी के

1 min
177

काश ऐसा समय आये

कि महिला दिवस मनाने


की जरूरत न रह जाए,

महिला इतनी सशक्त हो जाये


कि 365 के 365 दिन

उसके नाम हो जाये।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract