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कर्म निस्पृह शून्य कृष्ण शांत स्वभाव चिल्लाना स्पर्श पथिक सलाह व्यग्र योनी मन जिंदगी स्वागत करता है - "अहा मृत्यु !!" दरअसल मृत्यु ही हमारे जीवन को सुंदर बनाती है। मृत्यु न होती तो जीवन में इतना आकर्षण नहीं होता। जीवन के बोझ से क्लांत चिंता चंचल संध्या तनाव हिंदी कविता

Hindi क्लांत Poems