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वायरस आफत बाहें परमाणु दौलत धूप-छांव सी ग्रह नक्षत्र कुदरत तबाह उपरोक्त हिंदी कविता पिंड विलीन प्रकृति का रूप संवरता है धनवान जीव प्रोग निर्धन है कोई धरती जहरीला

Hindi सूक्ष्म Poems