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आफत वायरस बाहें विलीन निर्धन है कोई जानवर पिंड विविध व्याधियां चिंता है देती दौलत धूप-छांव सी सूक्ष्म जीव कोविड तबाह जहरीला ग्रह उपरोक्त आकाश धनवान अहंकार प्रकृति का रूप संवरता है एक जीव

Hindi सूक्ष्म Poems