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Kritika Dubey

Inspirational

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Kritika Dubey

Inspirational

तू बढ़ा कदम।

तू बढ़ा कदम।

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डर से जीत, एक कदम तो बढ़ा,

कर हौसला, जोर लगा

एक ही सही मगर कदम तो बढ़ा।


तू कर सकता है, तू बन सकता है

हिला के चटटान को तू रास्ता बना सकता है,

खींच रहे जो तुझे तू उन्हें

अपने ही दम से परास्त कर सकता है।

तू कर सकता है, तू बन सकता है।।।


दुनिया छोटी सी है तेरे जूनून के आगे,

है भरी पड़ी आग इस ज़माने के आगे,

तेरी ही आग इनको जलायेगी,

उनकी आग से आपने हाथ सेके,

उठ जा जोर लगा, एक ही सही

मगर कदम तो बढ़ा, कदम तो बढा।।।



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