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Bhavesh Dhote

Inspirational

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Bhavesh Dhote

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शहीद -एक् सैनिक की आत्मकथा

शहीद -एक् सैनिक की आत्मकथा

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सरहद पर रखवालों को 

इस् देश के पहरेदारों को,

दिल से मेरा सलाम है

दिल से मेरा सलाम है।


ये देश चैन से सोता है

वो पहरे पर जब होता है

जो आंख उठाता है दुश्मन

तो अपनी जान वो खोता है,

उनकी वजह से आज सुरक्षित  

ये सारी अवाम है

दिल से मेरा सलाम है

दिल से मेरा सलाम है।


काम नही आसन है ये

दिल पत्थर करना पडता है

देश या फिर घरबारमें से

किसी एक को चुनना पडता है

तब जाकर मिलता है कहीं

इस देश को फिर आराम है

दिल से मेरा सलाम है

दिल से मेरा सलाम है


गर्मी का हो मौसम या फिर 

पड़ती कड़क सी सर्दी हो

सेवा में देश कि खड़े रहे वो 

जब तक बदन पर वर्दी है,

डरे कभी न वैरी से 

चाहें जो भी होता अंजाम है

दिल से मेरा सलाम है

दिल से मेरा सलाम है।


देश सेवा ही धर्म है उनका 

हथियार ही बस उपदेश है

भारत माता की जय हो 

सदा करते यही उद्धोश है,

अपने पैरों पर खड़े हैं हम

नही किसी के गुलाम हैं

दिल से मेरा सलाम है

दिल से मेरा सलाम है।


अगला जनम मै जब भी पाऊं

इसी धरा का मै हो जाऊं

दिल से भारत माता हो

गीत उसी के सदा मै गाऊं

हर सैनिक के दिल में सदा 

रहता यही अरमान है 

दिल से मेरा सलाम है

दिल से मेरा सलाम है। 


सरहद पर खड़े रखवालों को

इस देश के पहरेदारों को 

दिल से मेरा सलाम है

दिल से मेरा सलाम है।

       



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