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DEVIKA VACHHANI

Drama

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DEVIKA VACHHANI

Drama

सफ़र मुसाफ़िर का

सफ़र मुसाफ़िर का

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हर इंसान मुसाफ़िर होता है

कभी प्यार के लिए

कभी रिश्तों के लिए

कभी अपनों के लिए

कभी अपने लिए

आने वाले सफर से


अनजान डगमगाते हुए

कदमों के निशान

छोड़ता हुआ पीछे

दिल में एक आस लिए

कभी सूरज की रौशनी में

कभी चाँद की चांदनी में


कभी हँसते हुए

कभी रोते हुए

मुसाफ़िर

चलता ही रहता है।


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